मंदिर

28 May 2026

श्री संस्थान द्वारा 116वाँ श्री पुण्यतिथि उत्सव दिनांक 12/09/2026 से 15/09/2026 तक धार्मिक प्रथा-परंपराओं के अनुसार संपन्न हुआ। इस उत्सव के दौरान प्रतिदिन प्रातः 6.00 से 6.45 बजे तक काकड़, 7.30 से 9.00 बजे तक गाथा भजन, दोपहर 4.00 से 5.00 बजे तक प्रवचन, सायंकाल 5.30 से 6.00 बजे तक हरिपाठ तथा रात्रि 8.00 से 10.00 बजे तक श्रीहरि कीर्तन संपन्न हुए। सप्ताह के दौरान श्री ह.भ.प. प्रशांत बुवा ताकोते, शिरसोली, श्री ह.भ.प. सुरेश बुवा बाकडे, पोफली, श्री ह.भ.प. भरत बुवा चौधरी, कन्हेरवाडी, श्री ह.भ.प. अच्युत बुवा दस्तापुरकर, परभणी, श्री ह.भ.प. निवृत्ती बुवा तराळे, व्याळा आदि कीर्तनकारों के कीर्तन संपन्न हुए।
श्री गणेश यज्ञ एवं वरुण यज्ञ का शुभारंभ भाद्रपद शुक्ल 1 को हुआ तथा भाद्रपद शुक्ल 4 को प्रातः 10.00 बजे यज्ञ की पूर्णाहुति संपन्न हुई। साथ ही, श्री के समाधि समारोह के निमित्त श्रीहरि कीर्तन का आयोजन कर कार्यक्रम संपन्न हुआ।
इस वर्ष श्री पुण्यतिथि उत्सव में श्री की सेवा में 397 दिंडियों ने सहभाग लिया। इनमें से नियमों की पूर्ति करने वाली कुल 80 नवीन दिंडियों को 10 ताल, 1 वीणा, 1 मृदंग, श्री ज्ञानेश्वरी, श्री तुकाराम गाथा, श्री एकनाथी भागवत जैसे संत वाङ्मय तथा श्री माऊली पताका वितरित की गईं। पुरानी दिंडियों को भजनी साहित्य की मरम्मत हेतु नियमानुसार सानुग्रह अंशदान तथा अन्य व्यवस्थाओं के लिए सहयोग प्रदान किया गया। साथ ही, उत्सव के निमित्त आई हुई भजनी दिंडियों के वारकरियों के लिए भोजन प्रसाद की व्यवस्था तथा प्राथमिक उपचार केंद्र की सुविधा विसावा संकुल में उपलब्ध कराई गई।
इसी प्रकार, उत्सव के दौरान श्री शेगांव सहित श्री संस्थान की शाखाओं पंढरपुर, आळंदी, त्र्यंबकेश्वर, पंढरपुर, ओंकारेश्वर एवं गिरडा में श्री का समाधि उत्सव संपन्न हुआ तथा 1,10,000 से अधिक भक्तों को महाप्रसाद वितरित किया गया। इस प्रकार, श्री की कृपा से वारकरियों एवं भाविकों की सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

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नम्र निवेदन